भारत में क्रिप्टो (Virtual Digital Asset या VDA) पर टैक्स भरने के लिए आपको हर फायदे (gain) पर Section 115BBH के तहत सीधा 30% टैक्स + 4% cess देना होता है, हर बिक्री पर 1% TDS कटता है, और यह सब आपको ITR-2 या ITR-3 के Schedule VDA में भरना होता है। नुकसान (loss) को किसी भी income से set-off नहीं कर सकते। यह गाइड आपको FY 2025-26 (AY 2026-27) के लिए पूरा तरीका आसान हिंदी में समझाएगी।
भारत में क्रिप्टो टैक्स के मुख्य नियम
सबसे पहले वो 5 नियम जो हर क्रिप्टो निवेशक को पता होने चाहिए:
- 30% फ्लैट टैक्स: हर फायदे पर सीधा 30% टैक्स लगता है — चाहे आपकी income कितनी भी हो। इस पर 4% health & education cess भी लगता है, यानी असल में 31.2%। कोई slab benefit नहीं मिलता।
- 1% TDS (Section 194S): जब भी आप क्रिप्टो बेचते हैं तो exchange 1% TDS काट लेता है। यह कोई extra टैक्स नहीं है — यह आपकी final tax का advance payment है जिसे आप वापस claim कर सकते हैं।
- नुकसान set-off नहीं होता: अगर एक coin में फायदा और दूसरे में नुकसान हुआ, तो नुकसान को फायदे से घटा नहीं सकते। हर फायदे पर अलग से टैक्स लगेगा।
- सिर्फ खरीद कीमत घटती है: टैक्स निकालते समय आप सिर्फ coin की खरीद कीमत (cost of acquisition, buy-side fee सहित) घटा सकते हैं। बाकी कोई खर्च — internet, बिजली, selling fee — नहीं घटता।
- Schedule VDA में रिपोर्ट करना ज़रूरी है: चाहे फायदा छोटा हो या साल में सिर्फ नुकसान हुआ हो, आपको ITR के Schedule VDA में सब कुछ दिखाना होता है।
ध्यान दें: 1 अप्रैल 2026 से exchanges आपकी हर transaction की जानकारी सीधे Income Tax Department को भेजते हैं। इसलिए अब क्रिप्टो income छिपाना पहले से कहीं ज़्यादा जोखिम भरा है — सही तरीके से रिपोर्ट करना ही समझदारी है।
कौन सा ITR form भरें — ITR-2 या ITR-3?
ITR-1 और ITR-4 में Schedule VDA नहीं होता, इसलिए अगर आपकी कोई भी क्रिप्टो income है तो आपको इनमें से एक form भरना होगा:
- ITR-2: अगर आप salaried हैं या investor हैं और कोई business income नहीं है। ज़्यादातर retail क्रिप्टो निवेशकों के लिए यही सही है। यहाँ क्रिप्टो को capital gains की तरह दिखाया जाता है।
- ITR-3: अगर आपकी कोई business या professional income है, या आप बहुत ज़्यादा trading (जैसे futures/derivatives) को business की तरह दिखाना चाहते हैं।
दोनों में Schedule VDA एक जैसा ही होता है और टैक्स की दर (30%) भी वही रहती है।
Schedule VDA में क्या भरना होता है
Income tax portal पर Schedule VDA एक table की तरह दिखता है, जिसमें हर बिक्री के लिए एक row भरनी होती है। इसमें आपको ये जानकारी देनी होती है:
- Date of acquisition: coin कब खरीदा था (FIFO के हिसाब से — पहले खरीदे coin पहले बिकते हैं)।
- Date of transfer: coin कब बेचा या swap किया।
- Cost of acquisition: खरीद कीमत (buy-side fee सहित)।
- Consideration received: बिक्री से मिली कुल रकम (INR में)।
- Income: बिक्री − खरीद = फायदा या नुकसान।
याद रखें: 1% TDS को Schedule VDA में नहीं, बल्कि Schedule TDS में claim करना होता है। पहले अपने Form 26AS और AIS में check करें कि 194S के तहत TDS दिख रहा है।
एक आसान उदाहरण (₹ में)
मान लीजिए प्रिया एक salaried व्यक्ति हैं और FY 2025-26 में उनके ये trades थे:
- BTC: ₹2,00,000 में खरीदा, ₹3,00,000 में बेचा → फायदा ₹1,00,000
- ETH: ₹1,50,000 में खरीदा, ₹1,70,000 में बेचा → फायदा ₹20,000
- SOL: ₹80,000 में खरीदा, ₹50,000 में बेचा → नुकसान ₹30,000
अब टैक्स की गणना:
- कुल taxable फायदा: ₹1,00,000 + ₹20,000 = ₹1,20,000 (SOL का ₹30,000 नुकसान घटेगा नहीं!)
- 30% टैक्स: ₹36,000
- 4% cess: ₹1,440
- कुल टैक्स: ₹37,440
- बिक्री पर कटा 1% TDS (₹3,00,000 + ₹1,70,000 + ₹50,000 = ₹5,20,000 का 1%): −₹5,200
- अंत में देना होगा: ₹37,440 − ₹5,200 = ₹32,240
ध्यान दें कि SOL का ₹30,000 नुकसान कहीं काम नहीं आया — यही 115BBH का सबसे बड़ा और महंगा नियम है।
आम गलतियाँ जो notice ला सकती हैं
- फायदे और नुकसान को net करना: कभी भी फायदे में से नुकसान घटाकर "net" figure मत भरें। हर फायदे पर पूरा टैक्स लगता है।
- P2P और विदेशी exchange के trades छोड़ना: इन पर TDS नहीं कटता, इसलिए लोग भूल जाते हैं — पर bank में आया पैसा department को दिखता है।
- Selling fee या gas घटाना: सिर्फ खरीद कीमत घटती है, बेचने का खर्च नहीं।
- नुकसान वाले साल में Schedule VDA न भरना: नुकसान भी रिपोर्ट करना ज़रूरी है, वरना AIS से mismatch हो जाता है।
- AIS से मेल न खाना: submit करने से पहले check करें कि आपके numbers AIS/26AS से मिलते हों।
यह सब आसान कैसे बनाएं
सैकड़ों trades के लिए हाथ से FIFO निकालना और हर coin की खरीद-बिक्री जोड़ना बहुत मुश्किल है। CryptoITR का free calculator यही काम अपने-आप करता है: आप अपनी exchange report (CoinDCX, Binance, WazirX, CoinSwitch, KuCoin, Bybit) upload करते हैं, और यह पूरे साल का FIFO निकालकर, 115BBH लगाकर, आपका 1% TDS जोड़कर, Schedule VDA जैसा figure बना देता है। टैक्स देखना पूरी तरह free है — ITR-ready report सिर्फ ₹199 प्रति financial year से शुरू होती है।
ज़्यादा जानकारी के लिए हमारी अंग्रेज़ी गाइड्स भी देखें: How to fill Schedule VDA और 12 worked examples।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या क्रिप्टो के नुकसान पर टैक्स में राहत मिलती है?
नहीं। Section 115BBH के तहत क्रिप्टो के नुकसान को न किसी दूसरे coin के फायदे से, न किसी और income से घटाया जा सकता है, और न ही अगले साल carry-forward होता है।
अगर मेरी income टैक्स limit से कम है तो भी क्रिप्टो पर टैक्स लगेगा?
हाँ। 115BBH का 30% flat rate आपकी income slab पर निर्भर नहीं करता। basic exemption limit का फायदा क्रिप्टो फायदे पर नहीं मिलता।
1% TDS वापस कैसे मिलता है?
Exchange ने जो 1% TDS काटा वो आपके PAN पर जमा होता है और Form 26AS/AIS में दिखता है। आप इसे ITR के Schedule TDS में claim करते हैं — अगर आपका असली टैक्स TDS से कम है तो बाकी refund मिल जाता है।
क्या एक coin को दूसरे में बदलना (swap) भी taxable है?
हाँ। coin-to-coin swap भी एक transfer माना जाता है और उस पर fair market value के हिसाब से टैक्स लगता है, भले ही INR में कुछ न आया हो।
क्या मुझे छोटी रकम के लिए भी Schedule VDA भरना होगा?
हाँ। ₹500 का फायदा हो या सिर्फ नुकसान — क्रिप्टो की कोई भी income होने पर Schedule VDA भरना ज़रूरी है, और इसके लिए ITR-2 या ITR-3 ही चलेगा।
यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, tax advice नहीं। अपनी स्थिति के अनुसार filing से पहले अपने Chartered Accountant से सलाह ज़रूर लें।
